प्रेम की पुकार (The Call of Love) · scene 4
Art style: यथार्थवादी सिनेमाई और भव्य. कैमरा धीरे-धीरे पीछे की ओर हटता है (डॉली आउट), जिससे युवती की पूरी आकृति और महल का विशाल प्रांगण दिखाई देने लगता है। वह अपनी अंतिम मुद्रा में स्थिर हो जाती है, उसके हाथ ऊपर की ओर उठे हुए हैं। पंखुड़ियाँ उसके चारों ओर एक घेरे में गिरती हैं। प्रकाश धीरे-धीरे कम होता जाता है और केवल उसके चेहरे पर एक स्पॉटलाइट जैसी रोशनी रह जाती है। वह अपनी आँखें बंद कर लेती ...
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